WeeHours NewsI Md ImranI पूर्णियाI पूर्णिया रेंज के आईजी विवेकानंद ने पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) पवन कुमार चौधरी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में उन्हें छापेमारी के दौरान बरामद नकदी को सरकारी रिकॉर्ड में जमा करने के बजाय व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पास रखने का दोषी पाया गया। इसके बाद पूर्णिया एसपी की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, पवन कुमार चौधरी मई 2024 में धमदाहा थाना में पदस्थापित थे। 18 मई 2024 को उन्होंने धमदाहा के नेहरू चौक स्थित एक घर में स्मैक की सूचना पर छापेमारी की थी। आरोप है कि छापेमारी के दौरान बरामद मादक पदार्थ के साथ मिली नकदी को उन्होंने सरकारी प्रक्रिया के तहत जमा नहीं किया और अपने पास रख लिया। इसके अलावा गृहस्वामी को अभियुक्त नहीं बनाने तथा छापेमारी के चार दिन बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज करने जैसे आरोप भी उन पर लगे थे।
मामला सामने आने के बाद तत्कालीन पूर्णिया एसपी ने पवन कुमार चौधरी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कराई थी। जांच के दौरान आरोपों की सुनवाई की गई, जिसमें उन्हें दोषी पाया गया। इसके बाद पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत ने उनकी बर्खास्तगी की अनुशंसा आईजी को भेजी थी। अनुशंसा के आधार पर आईजी विवेकानंद ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। कार्रवाई के समय पवन कुमार चौधरी कटिहार जिले के प्राणपुर थाना में पदस्थापित थे।
इधर, आईजी ने कटिहार के तत्कालीन मुफस्सिल थानाध्यक्ष शशि रंजन के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की है। जांच में उन पर अपराधियों एवं भू-माफियाओं से सांठगांठ रखने, गिरफ्तारी अभियान में लापरवाही बरतने तथा एक मामले में समय पर अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप प्रमाणित पाया गया। इसके लिए उनकी एक वर्ष की वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोक दी गई है, जिसे दो ब्लैक मार्क के बराबर माना जाता है।
आईजी विवेकानंद ने कहा कि विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद पवन कुमार चौधरी को बर्खास्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।