Desk I दिल्ली I 2 जनवरी I विधायक एवं AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने मुस्लिम समाज की मजहबी और सामाजिक परंपराओं पर आत्ममंथन की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की कुछ परंपराएं समय के अनुरूप नहीं हैं, जिनमें बदलाव आवश्यक है। अख्तरुल इमान ने ऊंची आवाज़ में अज़ान देने के मुद्दे पर संयम बरतने की बात कही और कहा कि धार्मिक आचरण में संतुलन जरूरी है, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज के रहन-सहन और खान-पान में सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता है। उनका मानना है कि शिक्षा, अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार से ही समाज प्रगति कर सकता है।