WeeHours News I Md Imran I मधेपुरा।
जिला मुख्यालय स्थित मस्जिद चौक लेहरी मोहल्ला निवासी मसोमात रसीदा खातून की 15 वर्षीय पुत्री रानू जिया बीते 18 मई से लापता है। बेटी की बरामदगी को लेकर रसीदा खातून पिछले 22 दिनों से सदर थाना, और एसपी कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। उनका आरोप है कि अब तक उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कई जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय नेताओं से भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
रसीदा खातून ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं, जिनमें रानू जिया सबसे छोटी है। उन्होंने कहा कि चार महीने पूर्व उनके पति का निधन हो गया था, जिसके बाद से परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है। बेटी के अचानक लापता होने से वह गहरे सदमे में हैं। उनका कहना है कि उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी बेटी सुरक्षित है या उसके साथ कोई अनहोनी हो चुकी है। इसी चिंता में उनकी रातों की नींद उड़ गई है।
परिजनों के अनुसार, 18 मई की रात करीब साढ़े आठ बजे रानू जिया दूध लेने के लिए थाना के समीप स्थित पानी टंकी चौक गई थी। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने दो दिनों तक अपने स्तर से खोजबीन जारी रखी। इसके बाद 20 मई को सदर थाना, मधेपुरा में लिखित आवेदन देकर किशोरी की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई गई।
मामले में रसीदा खातून ने गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना से कुछ दिन पूर्व आजाद टोला वार्ड संख्या-9 निवासी शंकर यादव के पुत्र सिद्धार्थ कुमार द्वारा उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की जाती थी। इसकी शिकायत उनकी बेटी ने उनसे की थी। रसीदा खातून के अनुसार, जब उन्होंने लोगों के माध्यम से सिद्धार्थ कुमार को ऐसा करने से मना कराया तो वह नाराज हो गया और उनकी बेटी का अपहरण करने तथा जान से मारने की धमकी देने लगा।
रसीदा खातून ने थाना में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि सिद्धार्थ कुमार, उसके पिता शंकर यादव तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनकी बेटी को गायब कर दिया है। उन्होंने आशंका जताई है कि या तो उनकी पुत्री को कहीं छिपाकर रखा गया है अथवा उसके साथ कोई अनहोनी हो चुकी है। उन्होंने यह भी आशंका व्यक्त की है कि कहीं उनकी बेटी को किसी अन्य स्थान पर बेच न दिया गया हो।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इधर बेटी के लापता होने के बाद पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। रसीदा खातून का कहना है कि न तो पुलिस प्रशासन उनकी बात गंभीरता से सुन रहा है और न ही कोई जनप्रतिनिधि उनकी मदद के लिए आगे आ रहा है। परिवार के अन्य सदस्य भी डरे और सहमे हुए हैं। उन्हें आशंका है कि कहीं परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ भी कोई अप्रिय घटना न हो जाए।
रानू जिया की चाची नजमुन खातून ने भी प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई करने और किशोरी की सकुशल बरामदगी की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
वहीं, इस मामले को लेकर पूछे जाने पर मधेपुरा के एएसपी प्रवेंद्र भारती ने कहा कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और मामले की जांच जारी है।