यूपी में तूफान से हुई मौतों पर जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने जताया शोक

मो इमरान I नई दिल्ली। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आए तूफान, भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त की। मीडिया को जारी बयान में प्रो. इंजीनियर ने कहा कि इस आपदा में जान-माल के साथ-साथ घरों और आजीविका को भी भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव की तीव्रता बुनियादी ढांचे की स्थिति, तैयारी की कमी और कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षा तंत्र की अपर्याप्तता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए राहत एवं मुआवजा कार्यों का स्वागत करते हुए कहा कि केवल तात्कालिक सहायता पर्याप्त नहीं है। सरकार को मजबूत बुनियादी ढांचा, सुरक्षित आवास, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और सामुदायिक जागरूकता पर अधिक निवेश करना चाहिए। प्रो. इंजीनियर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक मौसम संबंधी घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकारों को आपदा के बाद राहत कार्यों तक सीमित रहने के बजाय रोकथाम, तैयारी और सामाजिक सुरक्षा पर दीर्घकालिक रणनीति अपनानी चाहिए। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी को मुख्यधारा और सोशल मीडिया में अपेक्षित महत्व नहीं मिला। उनके अनुसार, गंभीर जनहित के मुद्दों की उपेक्षा से सार्वजनिक जवाबदेही कमजोर होती है और प्रभावित समुदायों की समस्याएं पीछे छूट जाती हैं। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने सरकार से इस आपदा के कारणों और प्रभावों का व्यापक मूल्यांकन कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।