त्रिवेणीगंज (सुपौल)। जदिया थाना क्षेत्र के उर्दू मध्य विद्यालय मोगलाघाट नंदना में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। सोमवार सुबह लगभग 9:44 बजे विद्यालय के बच्चे कक्षा में पढ़ाई करने के बजाय स्कूल परिसर से निकलकर पास के महोगनी बगीचे, जंगल और मक्का के खेतों में खेलते नजर आए। भीषण गर्मी और 38 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद बच्चे चिलचिलाती धूप में इधर-उधर घूमते रहे।
इसी दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार बरामदे में कुर्सी लगाकर मोबाइल पर रील देखते पाए गए। मीडिया का कैमरा देखते ही वे बरामदे से उठकर अंदर चले गए। दूसरी ओर, खेत और खलिहान में घूम रहे बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं दिखी। स्थानीय लोगों ने बताया कि आसपास सांप और जहरीले कीड़ों का खतरा हमेशा बना रहता है, जिससे बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
यह पहली बार नहीं है जब विद्यालय की लापरवाही उजागर हुई हो। इससे पहले भी बच्चे विद्यालय समय में आम के पेड़ पर चढ़ते और लगभग 12 फीट ऊंची दीवार फांदकर अपनी जान जोखिम में डालते कैमरे में कैद हुए थे। उस समय त्रिवेणीगंज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनीष कुमार ने मामले की जांच का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी मो. उमर और मो. सुलेमान ने बताया कि विद्यालय की यह स्थिति वर्षों से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूल में चार शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। बच्चे अक्सर स्कूल छोड़कर जंगल, खेत और बगीचे में खेलते रहते हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कभी औचक निरीक्षण नहीं करते।
इस संबंध में प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विद्यालय की यह तस्वीर सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।