जींस-चप्पल पहनकर विद्यालय पहुंचे शिक्षक पर पत्रकार को धमकाने का आरोप

त्रिवेणीगंज (सुपौल), संवाददाता। सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड अंतर्गत उर्दू मध्य विद्यालय, मोगलाघाट नंदना में पदस्थापित एक सरकारी शिक्षक पर समाचार कवरेज करने पहुंचे पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार, जान से मारने की धमकी देने तथा मोबाइल क्षतिग्रस्त करने की कोशिश का आरोप लगा है। मामले को लेकर जदिया थाना में लिखित शिकायत दी गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार को WeeHours News ने विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों में कथित लापरवाही से संबंधित एक समाचार प्रकाशित किया था। समाचार में आरोप लगाया गया था कि कुछ शिक्षक विद्यालय परिसर में मोबाइल फोन में व्यस्त थे, जबकि बच्चे विद्यालय से बाहर महोगनी के बगीचे और मक्का के खेत के आसपास खेल रहे थे। ग्रामीणों ने भी विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था को लेकर असंतोष व्यक्त किया था। समाचार प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए मध्यान्ह भोजन (MDM) प्रभारी संजीव कुमार निराला को विद्यालय निरीक्षण के लिए भेजा। इसी दौरान समाचार संकलन के लिए पहुंचे पत्रकार के साथ शिक्षक रूपेश कुमार की तीखी नोकझोंक हो गई। पत्रकार का आरोप है कि शिक्षक ने उनसे पहचान पत्र दिखाने को कहा और यह प्रश्न किया कि विद्यालय का वीडियो किसकी अनुमति से बनाया गया। आरोप है कि इस दौरान शिक्षक ने समाचार प्रसारण पर आपत्ति जताते हुए धमकी दी कि "जान प्यारी है तो संभल जाइए"। पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि शिक्षक ने उनकी जेब से पैसे निकाल लिए तथा मोबाइल फोन तोड़ने की कोशिश की। विवाद के दौरान शिक्षक की वेशभूषा को लेकर भी सवाल उठे। बिहार शिक्षा विभाग द्वारा जारी ड्रेस कोड के अनुसार पुरुष शिक्षकों को विद्यालय में औपचारिक पोशाक, जैसे शर्ट-पैंट और फॉर्मल जूते पहनकर आने का निर्देश है। जींस, टी-शर्ट और साधारण चप्पल पहनकर विद्यालय आने पर रोक है। आरोप है कि संबंधित शिक्षक निर्धारित ड्रेस कोड के विपरीत जींस और चप्पल पहनकर विद्यालय पहुंचे थे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार पर भी पत्रकार के साथ अभद्र भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त होते ही जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जदिया थाना अध्यक्ष नंदकिशोर ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए पदाधिकारियों को भेजा गया है और जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालयों में अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद संबंधित शिक्षक और अन्य आरोपितों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।