सुनेत्रा पवार: पर्दे के पीछे से सत्ता के केंद्र तक

Desk I WeeHours News I दिल्ली I महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार की शाम एक नया इतिहास रचने जा रही है। अब तक सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखने वाली सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। अजित पवार के निधन के बाद राज्य की राजनीति में पैदा हुए नेतृत्व के खालीपन को भरने के लिए एनसीपी ने यह बड़ा और भावनात्मक फैसला लिया है। शुक्रवार को हुई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की आपात बैठक में पार्टी नेताओं ने सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अपील पर उन्होंने इस जिम्मेदारी को स्वीकार किया। शनिवार शाम मुंबई में होने वाले शपथ ग्रहण के साथ ही सत्ता के गलियारों में एक नया अध्याय खुलेगा। इसके लिए वह बारामती से पुणे होते हुए मुंबई रवाना हो चुकी हैं। हालांकि सुनेत्रा पवार का यह सफर अचानक नहीं है। वह वर्षों से बारामती की राजनीति में एक रणनीतिक भूमिका निभाती रही हैं। राजनीतिक विरासत उन्हें विवाह से पहले ही मिली थी। 18 अक्टूबर 1963 को उस्मानाबाद में जन्मी सुनेत्रा पवार एक राजनीतिक और कृषक परिवार से आती हैं। उनके पिता पद्मसिंह पाटिल पूर्व राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद रहे हैं। अब उसी विरासत के सहारे वह महाराष्ट्र की सत्ता में एक नई पहचान गढ़ने जा रही हैं।