फिलिस्तीन बोला: ट्रंप से आस, भारत से मध्यस्थ की उम्मीद

Md Imran I WeeHours News I दिल्ली I भारत यात्रा पर आईं फिलिस्तीन की विदेश मंत्री डॉ. वार्सेन अगाबेकियन शाहीन ने साफ कहा कि फिलिस्तीन में शांति की राह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव से खुल सकती है, लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू फिलिस्तीन पर कब्जे की मंशा सार्वजनिक तौर पर जता चुके हैं, जबकि ट्रंप इजरायल को शांति वार्ता के लिए मनाने की क्षमता रखते हैं। भारत की भूमिका पर शाहीन ने पुराने रिश्तों का हवाला देते हुए कहा कि भारत-फिलिस्तीन संबंध 1947 से मजबूत रहे हैं। भारत ने शुरुआती दौर में ही फिलिस्तीन को मान्यता दी और आज भारत, इजरायल—दोनों का मित्र है, ऐसे में वह प्रभावी मध्यस्थ बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित इजरायल दौरे को अहम बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र, मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का समर्थक रहा है, इसलिए ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ पर भारत से ठोस सहयोग की उम्मीद है। हमास पर सवाल पर शाहीन ने दो टूक कहा कि फिलिस्तीन की आधिकारिक नीति अहिंसा है। शांति समझौते का सम्मान इजरायल और हमास—दोनों को करना होगा। फिलिस्तीन स्थायी शांति चाहता है और अगर हमास को राजनीति में आना है, तो उसे पीएलओ के दायरे में ही आना पड़ेगा।