Md Imran I 1 जनवरी I मधुबनी I
बिहार के मधुबनी जिले में सुपौल निवासी मोहम्मद मुर्शिद आलम को बांग्लादेशी बताकर पीटने की घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद राजनगर थाना पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
इस संबंध में थाना अध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित की ओर से दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया जा चुका है, हालांकि अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
इससे पहले गुरुवार को मधुबनी पुलिस ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की धर-पकड़ के लिए विशेष टीम गठित की गई है। लेकिन घटना के कई दिन गुजर जाने के बावजूद आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर हैं।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ित व्यक्ति बांग्लादेशी नहीं है, बल्कि वह बिहार के सुपौल जिले का निवासी है।
इधर, इस घटना को लेकर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भारतीय नागरिक को बांग्लादेशी बताकर पीटना कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है और यह सीधे तौर पर इंसानियत पर हमला है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।
बताते चलें कि बीते दिनों मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में कुछ युवकों ने एक मुस्लिम युवक को बांग्लादेशी बताकर उसके साथ मॉब लिंचिंग की कोशिश की थी। इस हमले में मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पीड़ित की पहचान मोहम्मद मुर्शिद आलम के रूप में हुई है, जो सुपौल जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शंकरपुर गांव, वार्ड संख्या-14 के निवासी हैं। उनके पिता का नाम अब्दुल जलील बताया गया है।
मोहम्मद मुर्शिद आलम मजदूरी के सिलसिले में मधुबनी जिले आए हुए थे, इसी दौरान उनके साथ यह घटना घटी।