C-Voter सर्वे में तेजस्वी यादव बना पहली पसंद, नीतीश कुमार को लगा झटका!

MD IMRAN I WeeHours News I पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सीवोटर के आये सर्वे ने प्रदेश की NDA सरकार के नेताओं की धड़कनें तेज कर दी है. ऐसे में सवाल उठता है कि जिस बिहार में चंद महीनों बाद चुनाव होने वाले हैं वहां एजेंसी सीवोटर को ऐसा क्या हांथ लग गया जिससे BJP, JDU सहीत NDA नेताऔं कि निंद उड़ सी गई है. तो चलिये एक-एककर विस्तार से जानते हैं. दरअसल, सीवोटर ने दिल्ली चुनाव के बाद बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की जनताओं के बीच एक सर्वे किया. अब जो सर्वे सामने आया है, वह CM नीतीश कुमार के लिए खतरे की घंटी की ओर इशारा कर रहा है. सीवोटर के इस सर्वे के मुताबिक, बिहार की 41 फीसदी जनता की पसंद तेजस्‍वी यादव हैं, जबकी सिर्फ 18 फीसदी लोग चाहते हैं की नीतीश कुमार दोबारा मुख्‍यमंत्री बनें. सर्वेक्षण के मुताबिक, नीतीश कुमार की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है . 58 प्रतिशत लोगों का मानना है कि नीतीश कुमार की विश्वसनीयता में काफी कमी आई है. 13 प्रतिशत ने कहा कि उनकी विश्वसनीयता में कुछ हद तक कमी आई है, जबकि 21 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के हर काम पर यकिन है. सर्वे में शामिल ज्‍यादातर लोगों की पहली पसंद नीतीश कुमार नहीं हैं. नीजी चैनल इंडिया टुडे टीवी पर दिखाई गई इस रिपोर्ट की मानें तो आरजेडी नेता तेजस्वी यादव बिहार में सीएम पद के लिए सबसे पसंदीदा चेहरा बनकर सामने आए हैं. सर्वेक्षण में शामिल लोगों से जब उनकी पहली पसंद के बारे में पूछा गया तो 15 प्रतिशत ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को अपनी पसंद बताया तो 8 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी के सम्राट चौधरी और 4 प्रतिशत ने लोकजन शक्‍त‍िपार्टी (रामव‍िलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को मुख्यमंत्री पद के लिए सही माना. सबसे खास बात यह है कि करीब 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे मौजूदा सरकार से नाराज हैं और बदलाव चाहते हैं, जबकि 22 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे नाराज तो हैं, लेकिन बदलाव नहीं चाहते. वहीं, 25 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे न तो नाराज हैं और न ही कोई बदलाव चाहते हैं. हालांकी सर्वे में यह नहीं बताया गया है कि कौन सी पार्टी कितनी सीटें जीतेगी, लेकिन नीतीश कुमार की घटती लोकप्रियता उनके लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. इसके साथ ही जब लोगों से पूछा गया कि उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्‍या है तो ज्‍यादातर लोगों के लिए बेरोजगारी का जिक्र किया. 45 प्रतिशत लोगों ने माना की बेरोजगारी इस चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा होने वाला है और ज्‍यादातर मतदान उसी पर होगा. इसके बाद महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा बताने वाले 11%, बिजली, पानी और सड़कों के बारे में बात करने वाले 10% लोग थे्, किसानों से जुड़े मुद्दे और भ्रष्टाचार पर सिर्फ 4% लोग वोट करना चाहते हैं. सर्वेक्षण के नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब नीतीश ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 7 बीजेपी विधायकों को मंत्री बनाया है. बिहार विधानसभा चुनाव इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने की उम्मीद है. एनडीए ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी. और NDA का मुख्यमंत्री चेहरा आज भी नीतिश कुमार ही हैं.